केडी सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, मथुरा में छत्तीसगढ़ से परिक्रमा करने आए एक श्रद्धालु को गंभीर पेट की चोट के साथ भर्ती किया गया। गौशाला में सेवा करते समय बैल के प्रहार से उनके पेट में गहरी चोट लगी, जिसके कारण छोटी आंत कई स्थानों से फट गई थी। अस्पताल पहुंचते समय उनकी स्थिति अत्यंत गंभीर थी और तुरंत आपातकालीन सर्जरी की आवश्यकता पड़ी।

वरिष्ठ सर्जन डॉ. मुकुंद मुंद्रा और उनकी अनुभवी टीम ने तत्काल मरीज का ऑपरेशन किया। जांच में पाया गया कि मरीज की छोटी आंत का प्रारंभिक (प्रॉक्सिमल) हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त और संक्रमित हो चुका था, जो चिकित्सकीय रूप से अत्यंत खतरनाक स्थिति मानी जाती है। ऑपरेशन के दौरान मरीज के पेट से लगभग 2–3 लीटर पस निकाला गया और पूरी तरह सफाई की गई। क्षतिग्रस्त आंत के हिस्से को हटाकर अस्थायी रूप से आंत का मार्ग बाहर बनाया गया तथा पोषण के लिए फीडिंग ट्यूब डाली गई।

लगातार तीन सप्ताह तक गहन निगरानी और उपचार के बाद मरीज की स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हुआ। अब वे सामान्य स्थिति में हैं और डिस्चार्ज के लिए तैयार हैं। आगामी कुछ सप्ताह में एक छोटा ऑपरेशन कर बाहर बनाए गए आंत के मार्ग को पुनः अंदर स्थापित किया जाएगा, जो पहले ऑपरेशन की तुलना में कम जटिल होगा।

केडी सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, मथुरा में उन्नत आपातकालीन सर्जरी, अनुभवी चिकित्सक और 24/7 क्रिटिकल केयर सुविधाओं के साथ जटिल मामलों का सफल उपचार किया जाता है। छोटी आंत फटना जैसी गंभीर स्थिति में समय पर सर्जरी और विशेषज्ञ देखभाल जीवन बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।