“नारी शक्ति का सम्मान, देश का अभिमान” के नारे के साथ आज KD University के प्रांगण में एक नई ऊर्जा देखने को मिली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ के समर्थन में विश्वविद्यालय द्वारा एक विशाल जागरूकता रैली और सार्थक चर्चा का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के माध्यम से महिलाओं को देश की निर्णय प्रक्रिया और शासन में 33% हिस्सेदारी के प्रति जागरूक किया गया।

विशेष अतिथियों ने भरा उत्साह

कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य वक्ता और विशेष अतिथि डॉ. विनीता गुप्ता एवं डॉ. नवप्रीत कौर की गरिमामयी उपस्थिति में हुई। दिन की शुरुआत के.डी. नर्सिंग कॉलेज में जागरूकता गतिविधियों और स्टिकर वितरण के साथ हुई। विशेष अतिथियों ने अपने संबोधन में नारी शक्ति के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने छात्र-छात्राओं को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि नेतृत्व की भूमिका केवल पुरुषों तक सीमित नहीं है, अब समय है कि महिलाएं भारत के भविष्य को संवारने में सक्रिय योगदान दें।

KD University

रैली और एकजुटता का संदेश

संबोधन के बाद विश्वविद्यालय परिसर में एक भव्य जागरूकता रैली निकाली गई। छात्रों और शिक्षकों ने एक-दूसरे का हाथ थामकर ‘राउंड चेन’ बनाई, जो महिला सशक्तिकरण के प्रति एकजुटता और संकल्प का प्रतीक बनी। रैली के दौरान एक विशेष दीवार पर सभी प्रतिभागियों ने हस्ताक्षर किए। यह ‘हस्ताक्षर अभियान’ इस बात का प्रमाण था कि युवा पीढ़ी देश के इस ऐतिहासिक बदलाव के साथ खड़ी है।

रैली के पश्चात विश्वविद्यालय के कॉन्फ्रेंस हॉल में ‘महिला आरक्षण’ विषय पर एक गहन चर्चा आयोजित की गई। वक्ताओं ने बताया कि किस तरह लोकसभा और विधानसभाओं में 33% सीटों का आरक्षण महिलाओं को केवल राजनीतिक अधिकार ही नहीं देगा, बल्कि उन्हें राष्ट्र निर्माण में नीति निर्धारण करने वाली शक्ति बनाएगा। कार्यक्रम में छात्रों को आह्वान किया गया कि वे नेतृत्व की भूमिकाओं को स्वीकार करें और राष्ट्र की प्रगति में अपना अभिन्न योगदान दें।

विकसित भारत की ओर एक कदम

KD University द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम ने यह स्पष्ट कर दिया कि ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ केवल एक कानूनी दस्तावेज नहीं है, बल्कि यह देश की आधी आबादी के आत्मविश्वास को नई उड़ान देने वाला ‘अमृत’ है। विश्वविद्यालय के इस प्रयास की सराहना करते हुए प्रतिभागियों ने संकल्प लिया कि वे इस संदेश को समाज के हर कोने तक पहुँचाएंगे।