कामा, भरतपुर (राजस्थान) निवासी सुंदर सिंह बैनीवाल की सास कुछ समय पहले नाज की ट्रॉली से गिर गई थीं। गिरने के बाद उनकी रीढ़ की हड्डी में गंभीर चोट आई, जिसके बाद वे लगातार कमर दर्द, पैरों में कमजोरी और चलने-फिरने में दिक्कत महसूस कर रही थीं। घर पर इलाज के बावजूद सुधार न होने पर मरीजों की सलाह के बाद मरीजों को केडी सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, मथुरा लेकर आए।

यहां न्यूरो सर्जन डॉ. दीपक चौधरी ने मरीजों की पूरी क्लिनिकल जांच की और MRI कराने की सलाह दी। MRI रिपोर्ट में पता चला कि मरीजों को L1 वर्टेब्रल फ्रैक्चर, L1 की वर्टेब्रल बॉडी में 50% से ज्यादा ऊंचाई में कमी, L1 लेवल पर ग्लियोसिस और स्पाइनल कॉर्ड में कोड चेंज हो चुके हैं। इतना ही नहीं, मरीजों को बॉवेल-ब्लैडर इनकॉन्टिनेंस भी था, जो रीढ़ की हड्डी और नर्व पर गंभीर दबाव को दर्शाता है। MRI में D2 लेवल पर हाइपर इंटेंसिटीज और कोड में ग्लियोसिस जैसे बदलाव भी पाए गए। यह स्थिति इस बात का संकेत था कि चोट गंभीर है और समय रहने पर सर्जिकल हस्तक्षेप ज़रूरी था।

L1 वर्टेब्रल फ्रैक्चर की सफल न्यूरो सर्जरी

इसके बाद मरीज का एक्स-रे कराया गया जिसमें फ्रैक्चर की पुष्टि हुई। न्यूरो सर्जन डॉ. दीपक चौधरी और उनकी टीम ने मरीज के L1 वर्टिब्रा में ऊपर और नीचे दो-दो स्क्रू लगाकर पेडिकल फिक्सेशन सर्जरी की तथा लैमिनोटॉमी भी की गई। L1 वर्टेब्रल फ्रैक्चर की सर्जरी के बाद मरीज की हालत धीरे-धीरे बेहतर होने लगी।

कुछ दिनों की निगरानी के बाद मरीज अब अपने पैरों पर खड़ी हो पा रही थी, चल-फिर पा रही थी तथा ब्लैडर कंट्रोल में भी काफी सुधार हुआ। यह केस केडी सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल के न्यूरोलॉजी और स्पाइन डिपार्टमेंट की बेहतरीन सर्जिकल क्षमता, आधुनिक तकनीक और अनुभवी डॉक्टरों की टीम को दर्शाता है।

केडी सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, मथुरा में ब्रेन और स्पाइन ट्रॉमा केयर, कॉम्प्लेक्स न्यूरो सर्जरी, स्पाइन फ्रैक्चर ट्रीटमेंट, मिनिमली इनवेसिव स्पाइन सर्जरी और न्यूरो रिहैबिलिटेशन की सुविधाएं उपलब्ध हैं। अस्पताल की अत्याधुनिक तकनीक और अनुभवी विशेषज्ञ जटिल से जटिल मामलों में जीवन बचाने और मरीजों को स्वस्थ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

Our Specialities:- Neuro Surgery | Spine Injury Treatment | Pedicle Fixation Surgery

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